ख्यालों की महफ़िल में रोशनी सी रखना !
रूह-ए-तबियत........ सुकूनी सी रखना !!
दौलत-ए-ख़ुशी से रोशन रहे ज़िन्दगी या रब !
कभी ........खुबसूरत गमगीनी सी रखना !!
ओरों से शिकवे शिकायते क्यूँ कर !
फकत अपने लिए ये नुक्ता चीनी सी रखना !!
हर परवाज़ बुलंद हो आसमान में, फिर भी !
पैरों की आदत जमीनी सी रखना !!
रूह-ए-तबियत........ सुकूनी सी रखना !!
दौलत-ए-ख़ुशी से रोशन रहे ज़िन्दगी या रब !
कभी ........खुबसूरत गमगीनी सी रखना !!
ओरों से शिकवे शिकायते क्यूँ कर !
फकत अपने लिए ये नुक्ता चीनी सी रखना !!
हर परवाज़ बुलंद हो आसमान में, फिर भी !
पैरों की आदत जमीनी सी रखना !!



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